Home / World / Hindi News / Private Hospital Medicine Charges; SC | State Government | सुप्रीम कोर्ट बोला- राज्य सरकारें सस्ता इलाज देने में नाकाम: इससे प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा मिला; केंद्र सरकार जरूरी गाइडलाइन बनाए

Private Hospital Medicine Charges; SC | State Government | सुप्रीम कोर्ट बोला- राज्य सरकारें सस्ता इलाज देने में नाकाम: इससे प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा मिला; केंद्र सरकार जरूरी गाइडलाइन बनाए

नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, ‘राज्य सरकारें किफायती चिकित्सा और बुनियादी ढांचा देने में नाकाम रही हैं। इससे प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा मिल रहा है। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार को गाइडलाइन बनानी चाहिए।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी, जिसमें कहा गया था कि प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों और उनके परिवारों को अस्पताल की फार्मेसी से महंगी दवाएं और मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। इसलिए ऐसे अस्पतालों पर नकेल कसी जाए। इसे रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को आदेश दिया जाए।

जस्टिस सूर्यकांत और एनके सिंह की बेंच ने इस पर सुनवाई की। केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि मरीजों को अस्पताल की फार्मेसी से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह जरूरी है कि राज्य सरकारें अपने अस्पतालों में दवाएं और मेडिकल सेवाएं सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराएं ताकि मरीजों का शोषण न हो।

जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा- इसे कैसे नियंत्रित करें? जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘हम याचिकाकर्ता की बात से सहमत हैं, लेकिन इसे कैसे नियंत्रित करें? कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि वे प्राइवेट अस्पतालों को कंट्रोल करें, जो मरीजों से अस्पताल के दुकानों से दवाई खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। खासकर वे दवाइयों जो किसी और जगह सस्ते में मिल रही हैं।’

कोर्ट ने केंद्र सरकार को गाइडलाइंस बनाने को कहा, जिससे प्राइवेट अस्पताल आम लोगों का शोषण न कर सके।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी राज्यों को नोटिस भेजा था। उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों ने जवाब दाखिल किए थे। दवाइयों की कीमतों के मुद्दे पर राज्यों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के प्राइस कंट्रोल ऑर्डर पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार ही तय करती है किस दवा की क्या कीमत होगी।

…………………………….

मेडिकल सर्विस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

रोड एक्सीडेंट में घायलों को फ्री इलाज इसी महीने से: ₹1.5 लाख तक खर्च सरकार उठाएगी

रोड एक्सीडेंट में घायलों को इसी महीने यानी मार्च 2025 से डेढ़ लाख रुपए तक का फ्री इलाज मिलेगा। यह नियम प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए भी अनिवार्य होगा। देशभर में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। NHAI इसके लिए नोडल एजेंसी का काम करेगा। पूरी खबर पढ़ें…

विज्ञापनों से जुड़े केंद्र के आदेश पर SC की रोक: सरकार ने आयुर्वेदिक-यूनानी दवाओं को नियम 170 से छूट दी थी; यह भ्रामक विज्ञापन रोकता है

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 अगस्त) को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के नियम 170 हटाने के केंद्र के फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इससे जुड़ा आयुष मंत्रालय का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है। नियम 170 आयुर्वेदिक, सिद्ध या यूनानी दवाओं के भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

Source link

Check Also

टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट:चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा

दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। …