देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में चालू वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. पहली तिमाही अप्रैल-जून में 23.9 प्रतिशत प्रतिशत की गिरावट थी.

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मुंबई: कोरोना काल में अर्थव्यवस्था (Economy) में थोड़े सुधार के संकेत मिल रहे हैं. लॉकडाउन (Lock Down) के असर से वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में 23.9 फीसदी की गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में सुधार आने का अनुमान है. रेटिंग एजेंसी इक्रा (Icra) के अनुसार, दूसरी तिमाही में जीडीपी (GDP) में 9.5 फीसदी नीचे रहेगी, जो पहली तिमाही की तुलना में कम है. अनलॉक के तहत अर्थव्यवस्था को खोलने के फैसले का असर दूसरी तिमाही में दिख रहा है.
देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में चालू वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. पहली तिमाही अप्रैल-जून में 23.9 प्रतिशत प्रतिशत की गिरावट थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े 27 नवंबर को जारी करेगा.
इक्रा के अनुसार, गिरावट में कमी का कारण कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये लगे ‘लॉकडाउन’ के प्रभाव से अर्थव्यवस्था का धीरे-धीरे वापस आना है. स्थिर मूल्य पर सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में गिरावट 8.5 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि पहली तिमाही में इसमें 22.8 प्रतिशत की गिरावट आयी थी. जीवीए में गिरावट में कमी का कारण उद्योग, विनिर्माण और निर्माण तथा सेवा क्षेत्रों में पहली तिमाही के मुकाबले सुधार है.
इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में औद्योगिक जीवीए के प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार होने की संभावना है. विनिर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सितंबर तिमाही में मांग और मात्रा में सुधार दर्ज किए गए.
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