हिमाचल की सुक्खू सरकार के 2 कैबिनेट मंत्रियों को कांग्रेस हाईकमान ने फटकार लगाई है। PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को भी भविष्य में सोच समझकर बयानबाजी करने की नसीहत दी गई है।
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विक्रमादित्य सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर भोजनालय में पहचान पत्र अनिवार्य करने को लेकर बयान दिया था, जबकि अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा के मानसून सत्र में शिमला रोहिंग्या मुसलमान की बात कही थी। हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच दोनों मंत्रियों के बयान से कांग्रेस को नुकसान की शंका है।
इस पोस्ट के कारण घिरे विक्रमादित्य सिंह
विक्रमादित्य ने क्या कहा?
दरअसल, विक्रमादित्य सिंह ने बीते 25 सितंबर को शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि भोजनालय में आई-कार्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्री के इस बयान से कांग्रेस बेक-फुट पर आ गई, क्योंकि कावड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में भी आई-कार्ड अनिवार्य किए गए। तब कांग्रेस ने यूपी सरकार के निर्णय का विरोध किया था।
इसलिए सवाल उठने लगे थे कि यदि यूपी सरकार का निर्णय गलत था तो हिमाचल में यह सही कैसे हो सकता है।
दिल्ली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करते हुए विक्रमादित्य सिंह
विक्रमादित्य ने कल दी सफाई
विक्रमादित्य के इस बयान को लेकर देशभर में बवाल मच गया और कांग्रेस घिरती नजर आई। इस बयान के अगले ही दिन यानी बीते गुरुवार को दिल्ली में कहा कि हिमाचल अलग राज्य है। राज्य के अपने कायदे कानून है। इस निर्णय में उत्तर प्रदेश और योगी सरकार का कुछ लेना देना नहीं है।
CPH एवं कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट संजय अवस्थी
हिमाचल सरकार ने भी किया किनारा
बीती शाम तक हिमाचल सरकार ने भी मंत्री के बयान से किनारा करते हुए उनका निजी बयान बताया और कहा कि सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। सुक्खू सरकार ने CPS एवं कांग्रेस प्रेसिडेंट संजय अवस्थी ने कहा अभी आईकार्ड अनिवार्य नहीं किया गया। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में गठित कमेटी इस पर अंतिम फैसला करेगी।
अनिरुद्ध ने कही रोहिंग्या मुसलमान की बात
वहीं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के बयान पर भी कांग्रेस हाईकमान नाराज है। उन्होंने मस्जिद विवाद के बाद विधानसभा के भीतर दूसरे प्रदेश आने वाले लोगों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और शिमला में रोहिंग्या मुसलमान की बात कही थी। इसके बाद शिमला में मस्जिद मामला ज्यादा गरवाया।
मस्जिद मामले में प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों ने भी अनिरुद्ध सिंह के बयान को हाथो हाथ लिया। हालांकि बाद में मंत्री के सुर नरम पड़ गए। अब विक्रमादित्य और अनिरुद्ध को भी इस संवेदनशील मामले को लेकर फटकार लगी है।
वेणुगोपाल बोले- मंत्री को पार्टी की भावना से अवगत कराया
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने मंत्री को कांग्रेस पार्टी की भावनाओं को व्यक्त किया है। कोई भी मंत्री या पदाधिकारी पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकता है। राहुल गांधी नफरत के खत्म करने और प्यार व स्नेह को बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। हम नफरत पैदा नहीं कर सकते।
वेणुगोपाल ने कहा कि, विक्रमादित्य ने स्पष्ट किया कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था।
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