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‘मारुति हो या टोयोटा… किसी गाड़ी में नहीं आई खराबी’, E20 पेट्रोल पर बोले गडकरी – Nitin Gadkari on E20 Petrol Ethanol Benefits Interview Maruti Suzuki Toyota Cars auaw

इथेनॉल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी बात साफ तौर पर रखी. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इथेनॉल की नहीं, बल्कि सभी वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuel) की बात करते हैं. उनका कहना है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और देश की इंपोर्टेड फ्यूल पर निर्भरता भी कम होगी. 

आजतक को दिए इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा कि, पेट्रोल में कितना इथेनॉल या कोई दूसरा फ्यूल मिलाया जाएगा, इसका फैसला पेट्रोलियम मंत्रालय करता है. वहीं परिवहन से जुड़े फैसले लेने का अधिकार सड़क परिवहन मंत्रालय के पास है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेल की कीमतें कैबिनेट स्तर पर तय होती हैं और इसमें उनका कोई हस्तक्षेप नहीं होता.

अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि इथेनॉल योजना शुरू होने से पहले उन्होंने शुगर फैक्ट्री जरूर शुरू की थी, लेकिन इथेनॉल प्रोडक्शन में उनकी हिस्सेदारी केवल 0.7 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि इथेनॉल पॉलिस प्रोग्राम होने से उन्हें कोई निजी फायदा नहीं हुआ है. बल्कि इससे देश के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं.  

वाहनों में इथेनॉल के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के दावों पर गडकरी ने कहा कि, न तो मारुति सुजुकी के पास और न ही टोयोटा के पास इस तरह की कोई शिकायत आई है कि इथेनॉल की वजह से गाड़ियां खराब हो रही हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से उन्हें और इथेनॉल प्रोग्राम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

गडकरी ने कहा कि, इथेनॉल प्रोग्राम कोई पायलट प्रोजेक्ट नहीं है. देहरादून पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट, ऑटोमोटिव रिसर्च ऑफ इंडिया (ARAI) जैसे संस्थानों ने तकरीबन 4 साल तक दो लाख लीटर फ्यूल की टेस्टिंग की है. जिममें पास होने के बाद इसे सर्टिफाइड किया गया है और फिर ये आम जनता के लिए पेट्रोल पंप पर उपलब्ध कराया गया है. 

गडकरी ने कहा कि, अगर किसी भी गाड़ी में E20 फ्यूल के कोई खराबी या वास्तविक समस्या आई है, तो वह सीधे उनके पास शिकायत लेकर आए. उन्होंने दावा किया कि, दुनिया के 11 देशों में इथेनॉल का सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है और भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. बीते दिनों E20 फ्यूल को लेकर कोर्ट में हुई सुनवाई का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि, वकील की दलीलों को गलत तरीके से समझा गया, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ.
 

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