चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।
चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि राहत की खबर यह है कि 11 जून से मौसम में बड़ा बदलाव होने वाला है।
पीजीआई के ब्लड बैंक कर्मी ठिठुर रहे
जहां बाहर 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है लेकिन पीजीआई के ब्लड बैंक में हालात बिल्कुल उलट हैं। यहां कर्मचारी गर्मी नहीं बल्कि ठंड से परेशान हैं।
एसी की इतनी तेज और लगातार ठंडी हवा चल रही है कि कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान जैकेट पहननी पड़ रही है जबकि कई ने अपने कार्यस्थल पर छतरी लगाकर खुद को सीधे ठंडे झोंकों से बचाने का इंतजाम किया है। कर्मचारियों का कहना है कि अत्यधिक कम तापमान उनके स्वास्थ्य और कामकाज दोनों को प्रभावित कर रहा है। इस संबंध में उन्होंने पीजीआई प्रशासन को लिखित शिकायत भेजकर तापमान नियंत्रित करने और कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
पीजीआई के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग (ब्लड बैंक) में कार्यरत कर्मचारियों ने विभागाध्यक्ष और प्रशासन के समक्ष अनोखी लेकिन गंभीर समस्या उठाई है। कर्मचारियों का आरोप है कि लैब का तापमान लगातार 17 से 18 डिग्री सेल्सियस पर रखा जा रहा है जबकि बाहर का तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच है।
शिकायत में कहा गया है कि अत्यधिक तापमान अंतर के कारण कर्मचारियों को बार-बार सर्दी, खांसी, गले में खराश और अन्य श्वसन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी वायरल संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। रात की ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जैकेट पहनकर काम करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि रिसेप्शन क्षेत्र में एसी सीधे कार्यस्थल के ऊपर लगा हुआ है। इससे वहां बैठने वाले कर्मचारी को सिरदर्द, गर्दन में जकड़न और शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार विभागाध्यक्ष को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
रिनोवेशन के बाद बढ़ी परेशानी
कर्मचारियों के अनुसार कुछ समय पहले विभाग में रिनोवेशन के दौरान सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम लगाया गया था। पहले अलग-अलग हिस्सों में तापमान को जरूरत के अनुसार नियंत्रित किया जा सकता था लेकिन अब पूरा सिस्टम केंद्रीकृत हो गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि तापमान कम होने पर कई बार ऑपरेटर को शिकायत की जाती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
सबसे ज्यादा परेशानी नाइट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि रात में ठंड बढ़ने पर जब ऑपरेटर से तापमान बढ़ाने को कहा जाता है तो जवाब मिलता है कि विभाग प्रमुख के निर्देश के बिना कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारियों को पूरी रात ठंड में कांपते हुए ड्यूटी करना पड़ रहा है।
ब्लड बैंक की तकनीकी बिंदुओं को चेक करवाकर कर्मचारियों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द करने का प्रयास किया जाएगा। – पीजीआई प्रवक्ता
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