Home / World / Hindi News / Health Tips:भीषण ठंड में बढ़े हार्ट अटैक-ब्रेन स्ट्रोक के मामले, ये चार लापरवाहियां पहुंचा सकती हैं अस्पताल – Kanpur Heart Attacks And Brain Strokes Has Increased In The Extreme Cold Don’t Do These Mistakes

Health Tips:भीषण ठंड में बढ़े हार्ट अटैक-ब्रेन स्ट्रोक के मामले, ये चार लापरवाहियां पहुंचा सकती हैं अस्पताल – Kanpur Heart Attacks And Brain Strokes Has Increased In The Extreme Cold Don’t Do These Mistakes


Ways To Avoid Heart Attack In Cold Weather: उत्तर प्रदेश के कानपुर में कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। स्थानीय अस्पतालों विशेष रूप से हृदय संस्थान की ओपीडी में मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। आंकड़ों के अनुसार बीते सोमवार को ओपीडी में 1123 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से हार्ट अटैक के लक्षण वाले 82 गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती करना पड़ा। 

विडंबना यह रही कि सात रोगी ‘ब्रॉट डेड’ रहे, यानी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार को भी स्थिति भयावह बनी रही, जहां 869 मरीजों का परीक्षण हुआ और 45 को भर्ती किया गया, जिनमें 13 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के शिकार थे। मंगलवार को भी छह मरीजों की अस्पताल पहुंचने से पहले मृत्यु हो गई। 

यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भीषण ठंड में रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने और ब्लड प्रेशर बढ़ने से हृदय और मस्तिष्क पर खतरा काफी बढ़ गया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसी स्थिति आने का मूल कारण ठंड के दिनों की कुछ लापरवाहियां हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जानना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।




Trending Videos

हार्ट अटैक
– फोटो : adobe stock images


पर्याप्त कपड़ों की कमी और सीधे ठंड का संपर्क

भीषण ठंड में सबसे बड़ी लापरवाही शरीर को पूरी तरह से न ढकना और सुबह-शाम की ठंडी हवा (शीतलहर) के सीधे संपर्क में आना है। कई लोग सिर, कान और पैरों को खुला छोड़ देते हैं, जबकि शरीर की अधिकांश गर्मी इन्हीं हिस्सों से बाहर निकलती है।

जब ठंडी हवा सीधे शरीर से टकराती है, तो रक्त वाहिकाएं तेजी से सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और हृदय को शरीर के अंगों तक खून पहुंचाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जो अचानक हार्ट अटैक का कारण बनता है।

ये भी पढ़ें- Winter Tips: भीषण ठंड में रसोई की इन चार चीजों से तुरंत बना लें दूरी, वरना डॉक्टर के पास जाना तय!

 


ठंड में सुबह उठते ही स्नान करना
– फोटो : Adobe Stock


सुबह जल्दी ठंडे पानी से नहाना और शारीरिक व्यायाम

सर्दियों में सुबह जल्दी उठकर ठंडे पानी से नहाना या अचानक ठंडे वातावरण में बाहर निकलना ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। अचानक होने वाले तापमान परिवर्तन से ब्लड प्रेशर ‘स्पाइक’ करता है, जिससे मस्तिष्क की महीन नसें फट सकती हैं या उनमें खून का थक्का जम सकता है। इसके अलावा, बिना वार्म-अप किए भीषण ठंड में भारी व्यायाम करना भी दिल पर अतिरिक्त बोझ डालता है। हृदय रोगियों को धूप निकलने के बाद ही टहलने जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें- Health Alert: पिज्जा-बर्गर खाने से छात्रा की मौत! क्या जंक फूड सच में जानलेवा है? डॉक्टर ने बताई सच्चाई

 


प्रोसेस्ड फूड
– फोटो : Adobe Stock


खान-पान में गड़बड़ी और पानी का कम सेवन

ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है, जिससे लोग पानी पीना कम कर देते हैं। शरीर में पानी की कमी होने से खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे ‘क्लॉटिंग’ या थक्के जमने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही सर्दियों में नमक और फैटी भारी भोजन का अधिक सेवन भी ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है। जो लोग पहले से ही हाई बीपी या डायबिटीज के मरीज हैं, उनके लिए यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, क्योंकि गाढ़ा खून धमनियों में आसानी से प्रवाहित नहीं हो पाता।


ब्रेन की समस्याएं
– फोटो : Freepik.com


लक्षणों को न करें नजरअंदाज

हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक में ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर आपको सीने में भारीपन, पसीना आना, बाएं हाथ या जबड़े में दर्द, अचानक बोलने में लड़खड़ाहट, चेहरे का तिरछापन या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य ठंड समझकर घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत निकटतम अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में पहुंचें। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से न सिर्फ मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि भविष्य में होने वाली अपंगता से भी बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।



Source link

Check Also

पहली बार भारतीय को सम्मान:अमेरिका में गूंजा भारत का नाम; मेजर प्रभात ने 91 देशों को पछाड़ जीते 2 शीर्ष सैन्य अवॉर्ड

भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा ने अमेरिकी सेना कमांड और जनरल स्टाफ कॉलेज (सीजीएससी) …