जूरी के वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ हैं और कई सूखे पेड़ हैं, जिससे आग विकराल हो गई।
पोरबंदर से पांच किमी दूर जूरी जंगल में मंगलवार को भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की की कई टीमें आग पर काबू पाने में लगी हुई हैं। वन विभाग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। आग इतनी भीषण है कि पोरबंदर-सोमनाथ तटीय राजमार्ग को फिलहाल बंद कर रतनपर होते हुए डा
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पिछले चार घंटे से बेकाबू आग जंगल में पिछले चार घंटों से आग लगी लगातार बेकाबू होती जा रही है। आपात स्थिति को देखते हुए उपलेटा से फायर ब्रिगेड के तीन फायर फाइटर, एक वाटर टैंकर, हाथी सीमेंट फायर फाइटर, बिल्ला कंपनी के वाटर टैंकर और अतिरिक्त वाटर ब्राउजर को बुलाया गया है।
सर्दी के मौसम में जूरी वन क्षेत्र में अक्सर आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं।
आग की लपटें दूर-दूर तक देखी गईं जूरी के वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ हैं और कई सूखे पेड़ भी हैं जिसके कारण आग ने कुछ ही क्षणों में उग्र रूप धारण कर लिया और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। उल्लेखनीय है कि सर्दी के मौसम में जूरी वन क्षेत्र में अक्सर आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। कुछ दिन पहले इसी इलाके में कूड़े के ढेर में आग लग गई थी।
पिछले एक साल में ओड्डार-रतनपर जूरी वन क्षेत्र में आग लगने की 30 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
एक सप्ताह में आग लगने की सातवीं घटना पोरंबदर जंगल में पिछले एक सप्ताह में आग लगने की सात से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि पिछले एक साल में ओड्डार-रतनपर जूरी वन क्षेत्र में 30 से अधिक आग लगने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वन विभाग और राजस्व विभाग आज तक आग लगने का कारण नहीं जान सका है। अग्निशमन विभाग ने आग को मानव निर्मित बताया है।
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