पंजाब की छात्र राजनीति से शुरू हुई दो युवाओं की दोस्ती आज अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध की सबसे चर्चित साझेदारियों में गिनी जाती है। साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और विदेशों में सक्रिय उसका सबसे भरोसेमंद सहयोगी गोल्डी बराड़ वर्षों से भारतीय जांच एजेंसियों के साथ-साथ अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
हत्या, टारगेट किलिंग, रंगदारी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, हवाला, सुपारी किलिंग, एन्क्रिप्टेड संचार तकनीक और विदेशों में फैले सहयोगियों के दम पर इस सिंडिकेट ने भारत की सीमाओं से बाहर भी अपना प्रभाव स्थापित किया।
हाल के वर्षों में विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों द्वारा दायर आरोपपत्रों, जांच रिपोर्टों और संयुक्त अभियानों के बाद इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप, आर्थिक ढांचे और संचालन प्रणाली से जुड़े कई बड़े दावे सामने आए हैं। हालांकि इन मामलों में कई आरोप न्यायालयों में विचाराधीन हैं और अंतिम निर्णय अदालतों द्वारा ही किया जाएगा।