अतुल सुभाष सुसाइड केस में चार में से तीन आरोपी गिरफ्तार
अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले में सोशल मीडिया पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, बेंगलुरु पुलिस ने इस बात से इंकार किया है कि पुलिस ने सुभाष के गूगल ड्राइव से कोई फाइल हटाई है। बता दें कि बेंगलुरु में AI इंजीनियर अतुल सुभाष ने खुदकुशी कर ली थी। अतुल ने अपनी पत्नी निकिता और उसके घरवालों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
अतुल के भाई का आरोप?
अपनी जान देने से पहले अतुल ने डेढ़ घंटे का वीडियो और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था। ये सब अतुल ने अपने गूगल ड्राइव में डाला था। अतुल के भाई विकास मोदी ने कहा कि उनके गूगल ड्राइव में बाकी सब दस्तावेज हैं, लेकिन उनका सुसाइड नोट और “माइलोर्डस” शीर्षक से जज के नाम पर लिखा गया एक पत्र गूगल ड्राइव से गायब है।
आरोप पर पुलिस का बयान
DCP व्हाइट फील्ड शिवकुमार ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि पुलिस ने गूगल ड्राइव से कोई दस्तावेज नहीं हटाए हैं। अतुल सुभाष ने कई तरीकों से दस्तावेजों को प्रोटेक्ट किया है, जिसके चलते दस्तावेज नष्ट होने या उनसे छेड़छाड़ होने का कोई चांस नहीं है।
“लिखित शिकायत दे सकते हैं”
बेंगलुरु पुलिस का कहना है कि इस मामले को लेकर अतुल के भाई को कोई शिकायत है, तो वे पुलिस में लिखित शिकायत दे सकते हैं। चूंकि, अतुल सुभाष ने सभी दस्तावेजों को पब्लिक डोमेन पर अपलोड किया है और कोई पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं रखा है, इसीलिए इन दस्तावेजों को कोई भी हटा सकता है। बता दें कि अतुल सुभाष सुसाइड मामले में फरार चल रहे चार में तीन आरोपियों (पत्नी, सास और साले) को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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