वर्ष 2021 के चर्चित बाढ़ राहत घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्योपुर की तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को बड़ौदा थाना पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें श्योपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में महिला जेल शिवपुरी भेजने के आदेश दिए। महिला तहसीलदार केबीसी में 50 लाख रुपये जीत भी चुकीं हैं।
जानकारी के अनुसार, अमिता सिंह तोमर उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ थीं, जब बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि वितरण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। जांच में खुलासा हुआ कि मुआवजा वितरण के दौरान काल्पनिक और अपात्र नामों को भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक पीड़ितों को राहत से वंचित रखा गया। इस पूरे प्रकरण में सरकारी खजाने को करीब ढाई करोड़ रुपये की क्षति पहुंचने का अनुमान है।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ बड़ौदा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। लंबे समय से चल रही जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि घोटाले को अंजाम देने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें कई लोगों की संलिप्तता की आशंका है।
पढे़ं: इंदौर में पिता-पुत्र ने पड़ोसियों पर चढ़ा दी कार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला की मौत; कई लोग घायल
अमिता सिंह तोमर वर्तमान में श्योपुर जिले के विजयपुर में तहसीलदार पद पर पदस्थ थीं। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जमानत याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
श्योपुर के पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। आने वाले समय में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
Source link
Asian Tribune Your Multilingual Newspaper covering World and local news News