3 घंटे पहले
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2008 के मुंबई हमले में ताज होटल को भी निशाना बनाया गया था। इन हमलों में कुल 175 लोग मारे गए, जिनमें 9 हमलावर भी शामिल थे।
26/11 के मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा ने अपने साथी डेविड हेडली से कहा था कि भारतीय इसी लायक थे कि उन पर हमला किया जाए।
इतना ही नहीं, वह चाहता था कि इस हमले को अंजाम देते हुए जान गंवाने वाले 9 लश्कर आतंकियों को पाकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान ‘निशान-ए-हैदर’ दिया जाए। यह जंग में जान गंवाने वाले सैनिकों को दिया जाने वाला पाकिस्तान का सबसे बड़ा सम्मान है।
ये जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग ने दी है। विभाग ने बताया है कि तहव्वुर राणा से पूछताछ के दौरान उसके और डेविड कोलमैन हेडली के बीच बातचीत पकड़ी गई थी। इसी बातचीत के दौरान तहव्वुर ने ये बातें कही थीं।
डेविड हेडली मुंबई हमले का मास्टरमाइंड था। तहव्वुर राणा उसका बचपन का दोस्त था, जिसने इस हमले को अंजाम देने में उसकी मदद की थी।
गुरुवार को भारत लाया गया तहव्वुर, NIA को मिली 18 दिन की कस्टडी
64 साल के राणा को कल (10 अप्रैल) स्पेशल विमान से अमेरिका से लाया गया था। देर रात पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल NIA जज चंद्रजीत सिंह ने बंद कमरे में मामले की सुनवाई की और रात 2 बजे फैसला सुनाते हुए NIA को उसकी 18 दिन की कस्टडी दी।
कल रात राणा की पहली तस्वीर भी सामने आई, जिसमें नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के अधिकारी उसे पकड़े हुए नजर आए। आज यूएस डिपार्मेंट ऑफ जस्टिस ने एक और तस्वीर जारी की है। इसमें अमेरिकी मार्शल उसे NIA के अफसरों को सौंप रहे हैं।
तहव्वुर राणा से आज NIA ने पूछताछ शुरू कर दी है। NIA के SP और DSP रैंक के अधिकारी NIA के इंटेरोगेशन रूम में सीसीटीवी के सामने उससे सवाल-जवाब करेंगे, जिसकी पूरी रिकॉर्डिंग की जाएगी।
कस्टडी के दौरान NIA रोजाना राणा से पूछताछ की एक डायरी तैयार करेगी। आखिरी दौर की पूछताछ के बाद डिस्कलोजर स्टेटमेंट में उसे रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। यह केस डायरी का हिस्सा होता है।
तहव्वुर के प्रत्यर्पण की तीन तस्वीरें, जंजीरों में बंधा दिखा…
भारत पहुंचने के बाद गुरुवार को तहव्वुर राणा की पहली तस्वीर सामने आई। हालांकि इसमें उसका चेहरा नजर नहीं आ रहा है। NIA के अधिकारी उसे पकड़े हुए हैं।
कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मार्शलों ने मंगलवार को आतंकी तहव्वुर राणा की हिरासत भारत के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सौंपी।
यूएस मार्शल और एनआईए की टीम। इसमें तहव्वुर राणा नजर नहीं आ रहा है। यह तस्वीर यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने जारी की है।
मुंबई हमले में 166 आम लोग और 9 आतंकी मारे गए थे
26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने हमले किए। ये हमले चार दिनों तक चले। इन हमलों में कुल 175 लोग मारे गए, जिनमें 9 हमलावर भी शामिल थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।
तहव्वुर राणा को अमेरिका के शिकागो में अक्टूबर 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था। उस पर मुंबई के 26/11 और कोपेनहेगन में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए जरूरी सामान मुहैया कराने का आरोप था।
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हेडली की गवाही के आधार पर तहव्वुर राणा को 2013 में आतंकी संगठन लश्कर से रिश्ते रखने और डेनिश अखबार पर हमले की साजिश के आरोप में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
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