41 मिनट पहले
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जयशंकर ने कहा है कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान वे दोनों देशों के रिश्तों पर कोई बात नहीं करेंगे।
शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की बैठक के लिए पाकिस्तान जा रहे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि वे पड़ोसी मुल्क से किसी भी तरह की बातचीत करने के लिए वहां नहीं जा रहे हैं।
दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते वक्त जयशंकर ने कहा कि उनके पाकिस्तान जाने की वजह सिर्फ SCO की बैठक है। यह एक बहुपक्षीय इवेंट है। वे वहां पर भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर चर्चा नहीं करेंगे।
विदेश मंत्री ने कहा, “SCO का एक अच्छा सदस्य होने के नाते मैं पाकिस्तान में बैठक में हिस्सा लेने जा रहा हूं। मैं एक सभ्य आदमी हूं तो वहां जाकर अच्छा व्यवहार ही करूंगा।” इसके अलावा जयशंकर ने SAARC के एक्टिव न होने के लिए भी पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया।
जयशंकर 15-16 अक्टूबर को पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे।
जयशंकर बोले- पाकिस्तान की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहा SAARC उन्होंने कहा, “SAARC फिलहाल आगे नहीं बढ़ रहा है। हमने सालों से उसकी कोई बैठक नहीं की है। इसका सिर्फ एक कारण है और वो यह कि संगठन का एक सदस्य दूसरे पर आतंकी हमले कर रहा है। आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है, जिसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम SAARC को आगे नहीं बढ़ा सकते।”
SAARC संगठन साउथ एशियाई देशों में तालमेल बैठाने के लिए बनाया गया था। भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका इसके सदस्य देश हैं। हालांकि भारत-पाकिस्तान के बीच मतभेदों की वजह से संगठन ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। इससे उसकी अहमियत पर सवाल खड़े होते हैं।
15-16 अक्टूबर को पाकिस्तान जाएंगे जयशंकर विदेश मंत्री जयशंकर 15-16 अक्टूबर को पाकिस्तान जाएंगे। वे इस्लामाबाद में SCO के हेड्स ऑफ गवर्नमेंट (CHG) की बैठक में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (4 अक्टूबर) को इसकी जानकारी दी थी। 2015 में सुषमा स्वराज के दौरे के बाद पहली बार होगा जब भारत का कोई मंत्री पाकिस्तान जाएगा।
दरअसल, पाकिस्तान ने 29 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को SCO मीटिंग के लिए न्योता दिया था। पाकिस्तान की विदेश विभाग की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा था कि बैठक में भाग लेने के लिए सभी सदस्य देशों के प्रमुखों को निमंत्रण भेजा गया है।
पाकिस्तान की तरफ से न्योता आने के बाद 30 अगस्त को जयशंकर ने दोनों देशों के रिश्ते पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था-
पाकिस्तान से बातचीत का दौर खत्म हो चुका है। हर चीज का समय होता है, हर काम अंजाम तक पहुंचता है। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हट चुका है, मुद्दा खत्म हो चुका है। अब हम पाकिस्तान से किसी रिश्ते पर क्यों विचार करें।
तस्वीर 2015 की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरप्राइज विजिट पर पाकिस्तान के लाहौर पहुंचे थे।
उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में बढ़ा तनाव 2016 में भारतीय जवानों के वेश में 4 आतंकी उरी में भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर में घुस गए थे। 3 मिनट के अंदर आतंकियों ने 15 से ज्यादा ग्रेनेड कैंप पर फेंके थे। इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे।
हमले का जवाब देने के लिए 28-29 सितंबर की रात भारतीय सेना ने PoK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी थी। तड़के तक ऑपरेशन पूरा कर भारतीय सेना वापस लौट आई। इस हमले में 38 आतंकी मारे गए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था।
भारत में पाकिस्तानी कलाकारों और उनकी फिल्मों का भी बायकॉट किया जाने लगा था। भारतीय क्रिकेट टीम भी आखिरी बार 2008 में मैच खेलने पाकिस्तान गई थी। 2019 में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई हाई-लेवल बैठक नहीं हुई है।
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