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Pune Garba King Heart Attack Death Video; Ashok Mali | Maharashtra News | पुणे के गरबा किंग की गरबा खेलते वक्त मौत: वीडियो वायरल; दिल्ली में रामलीला के दौरान कलाकार की मौत

नई दिल्ली18 मिनट पहले

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मृतक अशोक की उम्र 45 साल थी।

महाराष्ट्र के पुणे में गरबा करते हुए एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि अशोक माली नाम के व्यक्ति एक बच्चे के साथ गरबा कर रहे हैं। 20 सेकेंड के इस वीडियो में शुरूआती 10 सेकेंड तक सबकुछ ठीक नजर आता है।

11 सेकेंड पर अशोक के नाचने की स्पीड कम होती है। 12 सेकेंड पर वे आगे की तरफ झुकते हैं और 14वें सेकंड पर मुंह के बल जमीन पर जा गिरते हैं।

ये सब इतना जल्दी होता है कि कोई कुछ समझ नहीं पाता और अशोक को गिरने से बचा भी नहीं पाता। लोगों के मुताबिक, बेहोश हुए अशोक को तत्काल ही नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बच्चे के साथ गरबा करते हुए अशोक माली।

दिल्ली: रामलीला करते वक्त आया अटैक, मौत

सीने में दर्ज उठते ही सुशील बैक स्टेज चले गए थे।

मृतक सुशील की उम्र 45 साल थी। वे भगवान रात की भूमिका में थे।

पूर्वी दिल्ली के 45 साल के सुशील कौशिक की रामलीला के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। सुशील भगवान राम की भूमिका निभा रहे थे। वे स्टेज पर एक सीन का अभिनय कर रहे थे, उसी समय यह घटना हुई।

वीडियो में देखा जा सकता है कि वे अपने दाहिने घुटने पर बैठे थे और उनके दोनों हाथ फैले हुए थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा।

वे उठे और दो कदम चले लेकिन वे असहज महसूस करने लगे। उन्होंने एक हाथ सीने पर रखा और मंच के पीछे की ओर भागे जहां वे बेहोश हो गए। उन्हें आनंद विहार के कैलाश दीपक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया।

बस ड्राइवर को जब हार्ट अटैक आया था, उस वक्त 30 यात्री सवार थे।

बिहार: चलती बस में ड्राइवर को अटैक आया, मौत 5 अक्टूबर को बिहार के मुजफ्फरपुर में चलती बस के ड्राइवर की हार्ट अटैक से मौत हुई थी। ड्राइवर ने मौत से पहले किसी तरह 30 यात्रियों से भरी बस को सड़क किनारे रोका और थोड़ी देर में ही स्टेयरिंग पर गिर गया था। इससे बस में सवार 30 यात्रियों की जान बच गई थी।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने बताया था कि कामाख्या ट्रेवल्स की बस किशनगंज से पटना आ रही थी। बस मुजफ्फरपुर से आगे निकली तो ड्राइवर को अचानक दिल का दौरा पड़ा। ड्राइवर पटना का ही रहने वाला था। उसका नाम मुन्ना नेपाली (60) था।

डॉ. गरिमा एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट में काम करती थीं।

राजस्थान: रेजिडेंट डॉक्टर की हार्ट अटैक से जान गई 5 अक्टूबर को जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल में रेजिडेंट डॉक्टर गरिमा की मौत हुई थी। बताया गया था कि गरिमा को जब अटैक आया उस वक्त वे ऑपरेशन थियेटर के वॉशरूम में ही थीं।

अटैक आने के बाद वह वहीं बेहोश होकर गिर गई थीं। जब थोड़ी देर तक वह ओटी में नहीं पहुंची तो उन्हें वहां मौजूद स्टाफ और डॉक्टरों ने आवाज लगाई। आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तब दरवाजा खोलकर डॉक्टर को बाहर निकाला।

गरिमा को सीपीआर और जरूरी ट्रीटमेंट देकर बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन बच नहीं सकी। गरिमा खुद कार्डियक डिपार्टमेंट के ऑपरेशन के दौरान मरीजों को एनेस्थीसिया और सीपीआर देती थीं। वे एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट में काम करती थीं।

32% लोगों की मौत कार्डियोवस्कुलर डिजीज के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हर साल करीब 6 करोड़ लोगों की मौत होती है। इनमें से लगभग 32% मौतों की वजह कार्डियोवस्कुलर डिजीज है। यह बीमारी दुनिया में सबसे अधिक मौतों की वजह बनती है। हर साल लगभग पौने दो करोड़ लोग किसी-न-किसी हार्ट डिजीज के कारण जान गंवा रहे हैं।

पहले हार्ट डिजीज के ज्यादातर पेशेंट्स 60 साल से अधिक उम्र के होते थे। अब नई समस्या ये है कि बीते कुछ सालों में 30 साल से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार बन रहे हैं। कोविड के बाद से तो जैसे हार्ट अटैक के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं।

अनहेल्दी लाइफ स्टाइल: आजकल ज्यादातर बीमारियों की जड़ अनहेल्दी लाइफस्टाइल है। देर रात तक जगना, सुबह देर से उठना, एक्सरसाइज न करना, खाने में फास्ट फूड और तली-भुनी चीजें खाना। इसके कारण डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, ओबिसिटी जैसी लाइफस्टाइज डिजीज होती हैं, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बनती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर: हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर्स में से एक है। असल में ब्लड प्रेशर हाई होने का मतलब है कि ब्लड फ्लो में कोई समस्या है तो हार्ट को इसका फ्लो बरकरार रखने के लिए पंपिंग तेज करनी पड़ रही है। इससे ब्लड वेसल्स डैमेज होती हैं, दिल थक रहा होता है। जो कभी भी हार्ट अटैक या अरेस्ट की वजह बन सकता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल: कोलेस्ट्रॉल हमारी ब्लड वेसल्स में जमा गाढ़े फैट की तरह है, जो खून की आवाजाही को बाधित करता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ता है। हार्ट को खून पंपिंग में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका लेवल जितना बढ़ता है, हार्ट अटैक के चांसेज भी उतने ही बढ़ते जाते हैं।

फैमिली हिस्ट्री: ब्रिटेन स्थित द हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के पेरेंट्स को या भाई-बहन को 60 साल से कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है तो उसे दूसरों के मुकाबले कम उम्र में हार्ट अटैक की आशंका अधिक होती है।

स्मोकिंग: शनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश साल 2016 की एक स्टडी के मुताबिक, बच्चों और युवाओं में हार्ट अटैक के बड़े रिस्क फैक्टर्स में एक स्मोकिंग भी है। भारत सरकार के नेशनल सैंपल सर्वे के मुताबिक भारत में 10 से 14 साल के 2 करोड़ बच्चे तंबाकू और सिगरेट के लती हैं। स्मोकिंग से हमारे फेफड़े और ब्लड वेसल्स कमजोर पड़ते हैं, जो हार्ट अटैक का बड़ा कारण हैं।

डायबिटीज: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, जिन लोगों को डायबिटीज है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है। ये दोनों ही फैक्टर दिल की सेहत के लिए खतरनाक हैं। असल में डायबिटीज के कारण ब्लड वेसल्स कमजोर पड़ जाती हैं, हार्ट की मसल्स भी कमोजेर हो जाती हैं। ऐसे में दूसरे ट्रिगर पॉइंट्स मौत के मुंह तक ले जाते हैं।

ओबिसिटी: मोटापा ऐसी कॉम्प्लेक्स डिजीज है, जो कई लाइफ स्टाइल बीमारियों की वजह बनती है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस जैसी सभी लाइफ स्टाइल डिजीज दिल की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हैं।

कोविड इंफेक्शन इफेक्ट्स: कोरोना वायरस ने हमारे फेफड़ों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। इसने किडनी और ब्लड वेसल्स को भी कमजोर किया है। इसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। यही कारण है कि कोविड इंफेक्शन के बाद बच्चों और युवाओं में कोरोना के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कई स्टडीज ने तो यहां तक बताया है कि इन दिल के दौरों के पीछे जीवन दायिनी कोविड वैक्सीन भी बड़ी वजह है।

हार्ट अटैक या स्ट्रोक से बचने के लिए क्या कर सकते हैं हार्ट अटैक से बचना है तो समय-समय पर हार्ट हेल्थ का चेकअप करवाना जरूरी है।

हार्ट हेल्थ सुधारने के लिए क्या कर सकते हैं? कोरोना इंफेक्शन ने हमारे दिल समेत कई बॉडी ऑर्गन्स को बहुत नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में अनहेल्दी लाइफ स्टाइल इन्हें और नाजुक बना सकती है। जरूरी है कि हेल्दी लाइफ स्टाइल फॉलो करके दिल की सेहत में सुधार किया जाए।

हार्ट अटैक से संबंधित अकसर पूछे जाने वाले कुछ सवाल यानी FAQs

सवाल: कैसे जानेंगे कि हमें हार्ट अटैक हुआ है? जवाब: अगर सीने में दर्द के साथ दो या दो से अधिक लक्षण महसूस हो रहे हैं तो माइनर या मेजर हार्ट अटैक हो सकता है।

  • सीने में दर्द और बेचैनी
  • कंधे में दर्द जो फैल रहा है
  • सांस लेने में दिक्कत
  • तेजी से पसीना आना
  • थकान
  • मतली
  • बेहोशी

सवाल: हार्ट अटैक के लक्षण दिख रहे हैं तो अस्पताल पहुंचने से पहले क्या करें? जवाब: जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक स्टडी के मुताबिक अगर सीने में अचानक बहुत तेज दर्द हो रहा है और पसीना भी आ रहा है तो इसके चार घंटे के भीतर एस्पिरिन की दो-तीन गोलियां लेने से हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है। इससे ब्लड पतला हो जाता है और हार्ट को पंपिंग में बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ती है। ब्लड क्लॉटिंग का जोखिम भी नहीं रहता है।

सवाल: हार्ट अटैक के बाद किसी को बेहोशी छा रही है तो क्या करें? जवाब: अगर हार्ट अटैक के बाद बेहोशी छा रही है तो इसका मतलब है कि पेशेंट को पूरी सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इससे उसकी जान भी जा सकती है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने से पहले CPR दिया जा सकता है।

अगर CPR देना नहीं जानते हैं: अगर CPR देना नहीं जानते हैं तो बीमार व्यक्ति के सीने को एक मिनट में 100 से 120 बार प्रेस करें।

अगर CPR देना जानते हैं: अगर CPR देना जानते हैं तो 30 बार प्रेस करने के बाद दो बार अपने मुंह से जीवन सांस दें। हर मिनट में 100 से 120 बार सीने को प्रेस करते रहें। ……………….

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