मई महीने में हर मोर्चे पर भारत से मार खाने के बाद पाकिस्तान अपने रक्षा उपकरणों को अपग्रेड करने में जुटा है. इसमें उसका साथ दे रहे है – चीन. ऐसा मुल्क जिसके उपकरण की क्वालिटी पर संशय है. हर साल पाक लगातार चीन से नई टेक्नोलॉजी के उपकरण इंपोर्ट कर रहा है, लेकिन उसके कुछ काम नहीं आ रही है.
अब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी चीन के दौरे पर हैं. चीन के चेंगदू स्थित स्टेट-ओनर एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) का दौरा किया. उन्होंने बीजिंग के साथ गहरी रक्षा सहयोग की प्रतिबद्धता जताई.
आसिफ अली जरदारी चीन के सबसे बड़े सैन्य विमान निर्माण कंपनी का दौरा करने वाले वह पहले आसिफ अली जरदारी बन गए हैं.
चीन की AVIC कंपनी ही है जो J-10C लड़ाकू विमान को बनाती है. इस लड़ाकू विमान को भारत के साथ पाकिस्तान के सैन्य टकराव के दौरान प्रमुखता मिली थी.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, आसिफ अली जरदारी ने चीन द्वारा विकसित जे-10 और युक्त रूप से विकसित JF-17 लड़ाकू विमानों की तारीफ की. साथ ही उन्होंने AVIC को चीन की तकनीकी प्रगति और पाकिस्तान-चीन स्थायी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का प्रतीक बताया.
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दौरे के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने AVIC के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के साथ मुलाक़ात की और चीन द्वारा विकसित जे-10, JF-17, पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ जे-20 हवाई जहाज और ड्रोन के बारे में जानकारी ली.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने चीन के साथ रक्षा उत्पादन और विमानन सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दोहराया.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति का यह चीन दौरा बढ़ते सैन्य और औद्योगिक संबंधों को दर्शाता है, जो कि स्थायी क्षेत्र में शांति पर प्रभाव डाल सकता है, विशेषकर भारत के संदर्भ में.
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन निर्मित J-10C और JF-17 लड़ाकू विमान का भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया था.
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