पहलगाम में हुए आतंकी हमले को करीब दो महीने होने वाले है लेकिन अभी भी चंडीगढ़ से कश्मीर के लिए बुकिंग 80 फीसदी तक प्रभावित है। जानकारों का कहना है कि सिटी ब्यूटीफुल से आम दिनों में जहां अलग-अलग टूर एंड ट्रेवल एजेंड के सहारे महीने में पांच से छह हजार लोगों का जाना होता था अब वह संख्या महज 1200 से 1500 तक रह गई है।
सेक्टर 17 में टूर एंड ट्रेवल का काम करने वाले अंकुश चड्डा का कहना है कि अब भी करीब 80 फीसदी तक बुकिंग प्रभावित है। पिछले दिनों कई जगहों पर हेलीकाप्टर से हुए हादसों के बाद संख्या और ज्यादा कम हो गई है। उन्होंने बताया कि मई और जून के महीने में उनके पास अच्छी बुकिंग आई थी लेकिन ज्यादातर लोगों ने घूमने का प्लान कैंसिल कर दिया। अगर एक कपल 60 हजार रुपये का पैकेज लेकर भी जाता है तो एक आदमी पर 30 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। अगर पांच हजार लोगों का जाने प्लान एक महीने में कैंसिल हो रहा है तो 15 करोड़ रुपये का कारोबार महीने के हिसाब से प्रभावित होता है।
50 से 70 हजार रुपये का पैकेज पड़ता था
कश्मीर घूमने के लिए पांच रात और छह दिन का कपल पैकेज 50 से 70 हजार रुपये का पड़ता है। इसमें ठहरने से लेकर एयरपोर्ट से गाड़ी तक की सुविधा शामिल है। लेकिन बुकिंग न होने से कारोबार काफी ज्यादा प्रभावित हो गया है। एक टूर में 4 से 5 लोग जाते हैं लेकिन ज्यादातर लोगों ने अपना टूर कैंसिल कर लिया है।
एक साल से बहुत अच्छी बुकिंग हो रही थी
आस्था ट्रेवल के मालिक हंस राज कौशल का कहना है कि पिछले एक साल से बहुत अच्छी बुकिंग होने लगी थी। लेकिन अब कारोबार प्रभावित होने लगा है। हर सप्ताह बुकिंग कैंसिल हो रही है। हालांकि पर्यटन विभाग और टाई की बैठक पिछले सप्ताह हुई थी। उसमें वहां पर पर्यटन बढ़ाने के लिए बात हुई थी। हालांकि यह तब संभव है जब पर्यटक खुद भरोसा करना शुरू करेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में ऐसा ही असर रहेगा। जून के महीने में हर साल बहुत अच्छी बुकिंग आती थी लेकिन इस साल बहुत खराब कारोबार हुआ है।
हिमाचाल प्रदेश के पर्यटन को मिला फायदा
पर्यटक कश्मीर की जगह हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर जाने की बात ज्यादा हो रही है। ट्रैवल एजेंसियों का दावा है कि इस बार शिमला, मनाली, डलहौजी समेत हिमाचल के अलग-अलग पर्यटन स्थलों के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग आई है। यहां का पैकेज कश्मीर की तुलना में सस्ता है। वहीं पर्यटक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करता है। लेकिन बारिश शुरू होने के बाद पर्यटक कम हो जाएंगे। कश्मीर जाने वाले लोगों को यह दिक्कत नहीं आती थी लेकिन अब वहां सुरक्षा कारणों से लोग जल्दी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।