पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा, उनके बेटे और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड खत्म हो गई है। तीन दिन के भीतर पंजाब में यह ईडी की दूसरी दबिश थी।
15 अप्रैल को ईडी ने आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों को 24 घंटे तक खंगाला था और अब उद्योग व बिजली मंत्री अरोड़ा निशाने पर रहे।
ईडी के अधिकारियों ने यह कार्रवाई स्टॉक मार्केट में कथित इनसाइडर ट्रेडिंग और संयुक्त अरब अमीरात से भारत में सट्टेबाजी के पैसों की राउंड-ट्रिपिंग से जुड़े विदेशी मुद्रा उल्लंघन की जांच के तहत की गई।
लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में कुल 13 आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके बेटे काव्य अरोड़ा के आवास, कार्यालय, उनकी रियल एस्टेट कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड) शामिल हैं।
लुधियाना स्थित फाइंडॉक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक वित्तीय निवेश और स्टॉक ब्रोकर कंपनी चलाने वाले हेमंत सूद एवं जालंधर में कथित बुकी चंद्रशेखर अग्रवाल के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर भी दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान ईडी की टीमों को केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवानों की सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई। अरोड़ा लुधियाना पश्चिम से विधायक और पंजाब सरकार में मंत्री हैं। वे इस समय आधिकारिक काम के सिलसिले में विदेश यात्रा पर हैं।
ईडी ने 2024 में भी अरोड़ा के परिसर पर छापा मारा था। उस समय वह राज्यसभा सांसद थे। एजेंसी ने कहा कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों और कुछ अन्य संस्थाओं ने औद्योगिक भूमि का आवासीय परियोजनाओं के लिए कथित दुरुपयोग करके राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाया और अपराध से अत्यधिक धन अर्जित किया
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