एक समय था जबकि भारतीय क्रिकेटर पैसे के लिए तरसते थे। काफी मैच जीतते थे पर न तो क्रिकेटर संपन्न थे और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड। ऐसे में एक आईएएस अधिकारी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में अध्यक्ष पद ग्रहण किया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ ही भारतीय क्रिकेट को संपन्न कर डाला। ऐसे थे पूर्व आईएएस अधिकारी, बीसीसीआई अध्यक्ष और क्रिकेट प्रशासक इंद्रजीत सिंह बिंद्रा। उनके निधन ने क्रिकेट के एक अध्याय को इतिहास में ला दिया है।
आईए बिंद्रा का निधन 84 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में हो गया। उन्होंने 1993 से 1996 तक बीबीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। भारत में क्रिकेट के व्यावसायीकरण और मोहाली स्टेडियम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेल के जानकार बताते हैं कि जिस जगह पर नाला बहता था उसी जगह पर आईएस बिंद्रा ने एक स्टेडियम का सपना देखा। और पीसीए के साथ उन्होंने अपना सपना साकार किया। वास्तव में यह सपना था सैकड़ों युवाओं को एक नई दिशा देने का। उन्होंने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया को न सिर्फ मजबूत किया बल्कि उनके साथ 1987 और 1996 के वर्ल्ड कप के आयोजन में अहम भूमिका निभाई।
उनके निधन को क्रिकेट प्रशासन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। बिंद्रा 1974 में पटियाला के उपायुक्त थे और 1975 में पी.सी.ए. के उपाध्यक्ष बने। उन्होंने कहा 1978 में पी.सी.ए. अध्यक्ष का पद संभाला और कई प्रमुख पदों पर काम किया। जब वह बीसीसीआई अध्यक्ष थे तो मोहाली में पहला वनडे मैच 1993 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया था।
पीसीए को बिंद्रा ने ही खड़ा किया: मोंगिया
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व खिलाड़ी दिनेश मोंगिया का कहना है पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन को उन्होंने ही खड़ा किया है। उन्होंने ही पंजाब क्रिकेट को आगे बढ़ाया था। उनके नेतृत्व में पंजाब से ऐसे कई क्रिकेटर निकले हैं जिन्होंने टीम इंडिया को बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय बनाया: सिद्धार्थ कॉल
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व खिलाड़ी सिद्धार्थ कॉल ने कहा की बिंद्रा सर का इस दुनिया से चले जाने का बहुत दुख है क्योंकि जब मैं बहुत कम उम्र का था तब मैं क्रिकेट खेलना यहां सीख रहा था। पंजाब के जितने भी खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर आज खेल रहे हैं सब उनकी देन हैं।
पीसीए की पहचान रहे बिंद्रा: सोढी
भारतीय क्रिकेटर रीतिंदर सिंह सोढी ने कहा कि पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन को अगर कोई जानता है तो वह बिंद्रा सर से ही पहचाना जाता है। भारतीय क्रिकेट के जितने खिलाड़ी इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचे उनके मार्गदर्शन में ही निकले। उनका योगदान भारतीय क्रिकेट में बहुत बड़ा है।
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