3 घंटे पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने CBI को दिल्ली-एनसीआर इलाकों में रियल एस्टेट डेवलपर्स और बैंकों के बीच गठजोड़ को लेकर आदेश दिया। शीर्ष कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ जांच करें।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच घर खरीदने वालों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन लोगों ने एनसीआर के इलाके, जैसे- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में सब्सिडी योजनाओं के तहत फ्लैट बुक कराए थे।
किस मामले पर हुई सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कई खरीदारों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने NCR खासकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में हाउसिंग प्रोजेक्ट में पैसा लगाया।
लोगों का आरोप है कि बैंक उन्हें EMI देने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि उन्हें घर का पजेशन ही नहीं मिला।
SC ने संस्थाओं को नोडल अधिकारी बनाने को कहा सुप्रीम कोर्ट ने RBI और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, नोएडा अथॉरिटी, सेक्रेटरी, गृह और नगरीय प्रशासन मंत्रालय और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टीट्यूट को निर्देश दिया है। इसमें कहा कि एक हफ्ते में अपने सीनियर-मोस्ट अफसरों को नोडल अधिकारी बनाएं, जो जरूरत पड़ने पर SIT की मदद करें।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- बिल्डरों को बैंक होम लोन का 60-70% पहले ही देते हैं सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि हजारों घर खरीदने वाले लोग एक स्कीम के कारण प्रभावित हो रहे हैं। बैंक, बिल्डर्स को होम लोन की 60-70% रकम दे देते हैं, जबकि प्रोजेक्ट तय समयसीमा में पूरा ही नहीं होता।
इसके बाद कोर्ट ने तब सीबीआई को एक रोडमैप बनाने को कहा था, जिससे बैंक और बिल्डर्स के बीच गठजोड़ का पर्दाफाश हो सके।
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