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Atul Subhash Suicide Case; Nikita Singhania Family | Bengaluru Police | AI इंजीनियर सुसाइड केस- रोज लोकेशन बदलती थी पत्नी निकिता: पुलिस ट्रैक न कर पाए इसलिए वॉट्सऐप कॉल करती थी, एक फोन कॉल से पकड़ी गई

बेंगलुरु18 मिनट पहले

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शनिवार को गिरफ्तारी के बाद निकिता (बीच में), मां निशा और भाई अनुराग।

AI इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नए खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को जानकारी दी है कि इंजीनियर के परिवार की तरफ से निकिता सिंघानिया पर केस दर्ज कराने के बाद से निकिता लगातार अपना ठिकाना बदल रही थी।

इसके अलावा वह पुलिस से बचने के लिए सिर्फ वॉट्सऐप कॉलिंग का इस्तेमाल कर रही थी। इतना ही नहीं, वह लगातार अग्रिम जमानत पाने की कोशिश में लगी थी। इस दौरान निकिता ने एक फोन कॉल किया था, जिसकी वजह से बेंगलुरु पुलिस ने उसे ट्रैक कर लिया जिसके बाद शनिवार को गुरुग्राम से उसकी गिरफ्तारी हो सकी।

निकिता की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को ही पुलिस ने उसके भाई अनुराग सिंघानिया और मां निशा सिंघानिया को प्रयागराज से गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को दो हफ्ते की पुलिस हिरासत में भेजा गया है हालांकि निकिता के चाचा अशोक सिंघानिया अभी फरार हैं।

9 दिसंबर को AI इंजीनियर अतुल सुभाष ने बेंगुलरु में अपने फ्लैट में सुसाइड नोट और वीडियो बनाकर जान दे दी थी। इसके बाद अतुल के परिवार ने पत्नि निकिता सिंघानिया और उसके परिवार पर अतुल को आत्म हत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे।

11 दिसंबर की रात 1.30 बजे निकिता की मां और भाई घर में ताला लगाकर फरार हुए थे।

घर पर ताला लगाकर फरार था परिवार

बेंगलुरु पुलिस ने जैसे ही निकिता और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया, वे सभी उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित घर पर ताला लगाकर फरार हो गए। जब बेंगलुरु पुलिस के जवान जौनपुर में निकिता के घर पहुंचे तो उन्होंने सिंघानिया के घर एक नोटिस चिपकाया, जिसमें उन्हें तीन दिन के अंदर पेश होने के लिए कहा गया। इस दौरान पुलिस ने परिवार के करीबी रिश्तेदारों की सूची बनाई और उन पर नजर रखी।

13 दिसंबर को बेंगलुरु पुलिस जौनपुर पहुंची। अतुल की ससुराल के घर के बाहर नोटिस चस्पा किया।

एक कॉल की वजह से पुलिस ने ट्रैक किया

गुरुग्राम आने के बाद निकिता एक पीजी में रहने लगी, इस दौरान उसकी मां और भाई उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के झूसी कस्बे में छिपे थे। वे सभी वॉट्सऐप कॉल के जरिए एक दूसरे से बात करते थे। लेकिन, निकिता ने गलती से अपने एक करीबी रिश्तेदार को कॉल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने टावर लोकेशन को ट्रैक किया और गुरुग्राम के रेल विहार पीजी पहुंचकर निकिता को हिरासत में लिया।

पुलिस ने निकिता से उसकी मां को कॉल करवाया, जिसके बाद उसकी मां और भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस तीनों को देर रात की फ्लाइट से बेंगलुरु ले गई और मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें रविवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अतुल मुझे परेशान करता था – निकिता

पुलिस के मुताबिक, निकिता ने बताया है कि उसने कभी अतुल को परेशान नहीं किया, बल्कि अतुल उसे परेशान कर रहा था। उसने यह भी कहा कि उसने अगर पैसा ही चाहिए होता तो वह कभी अपना बेंगलुरु वाला घर छोड़कर नहीं आती।

1 घंटे 20 मिनट का VIDEO बनाकर अतुल ने सुसाइड किया मूल रूप से बिहार के रहने वाले अतुल सुभाष ने 24 पेज का सुसाइड लेटर लिखा और अपनी जिंदगी खत्म कर ली। उनका शव बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट में उनके फ्लैट से बरामद हुआ था। मरने से पहले उन्होंने 1 घंटे 20 मिनट का वीडियो भी बनाया। सुसाइड से पहले उन्होंने कोर्ट के सिस्टम और पुरुषों के खिलाफ झूठे केस पर भी सवाल उठाए।

अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को इंटरनेट पर 1.20 घंटे का वीडियो जारी कर बताया था कि उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई उपाय नहीं बचा है।

सुसाइड नोट के 5 पॉइंट

1. जस्टिस इज ड्यू अतुल के सुसाइड नोट की शुरुआत ‘जस्टिस इज ड्यू’ यानी इंसाफ बाकी है’ से हुई। इसमें अतुल लिखते हैं- मेरी पत्नी ने मेरे खिलाफ 9 केस दर्ज करवाए। इसमें से 2022 में दर्ज हत्या और अननेचुरल सेक्स का भी एक मामला है। बाद में उसने ये केस वापस ले लिया था। बाकी केसों में दहेज प्रताड़ना, तलाक और मेंटेनेंस के मामले हैं, जो जिला कोर्ट और हाईकोर्ट में चल रहे हैं।

2. जौनपुर जज पर आरोप

अतुल ने जौनपुर कोर्ट के प्रिंसिपल फैमिली जज रीता कौशिक पर भी गंभीर आरोप लगाए। अतुल ने कहा कि जज ने कहा कि केस झूठे ही होते हैं, तुम परिवार के बारे में सोचो और केस को सेटल करो। मैं केस सेटल करने के 5 लाख रुपए लूंगी।

3. पत्नी ने 1 करोड़ मांगे

लेटर में लिखा था कि मेरी पत्नी, सास और उसके चाचा सुशील सिंघानिया ने 1 करोड़ रुपए की डिमांड की, जो अब बढ़कर 3 करोड़ रुपए हो गई है। कोर्ट ने मेरे 4.5 साल के बेटे की देखभाल के लिए 80,000 रुपए महीने देने का आदेश दिया। इससे मेरा तनाव बढ़ गया।

4. मेट्रिमोनी साइट से हुई शादी

अतुल ने लिखा था कि मैं 3 साल से बेटे से मिल नहीं सका था, जबकि मैंने कई बार कोर्ट में इसके लिए आवेदन किया था। पत्नी ने 2 लाख रुपए महीने की डिमांड की थी, जबकि वो एक पढ़ी-लिखी और कामकाजी महिला हैं। मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हैं। 2019 में एक मैट्रिमोनी साइट से मैच मिलने के बाद अतुल ने निकिता से शादी की थी।


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