ब्यूनस आयर्स32 मिनट पहले
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साउथ अमेरिकी देश अर्जेंटीना में 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूंकप आया है। इसके चलते सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे आया है।
भूकंप का केंद्र अर्जेंटीना के दक्षिणी राज्य उशुआइया से 222 किमी दूर समुद्र में ड्रेक पैसेज में था, जिसकी गहराई 10 किमी थी। US जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक उसी जगह 15 मिनट में लगातार 5.4, 5.7 और 5.6 तीव्रता के 3 आफ्टर शॉक भी आए।
बता दें कि ड्रेक पैसेज दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न , चिली, अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के दक्षिण शेटलैंड द्वीपों के बीच का समुद्री इलाका है।
प्रशासन ने लोगों से ऊंची जगहों पर जाने के लिए कहा है। प्रभावित इलाकों में सुनामी की चेतावनी वाले सायरन बजना शुरू हो गए हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। एक दिन पहले भी अर्जेंटीना में 5.8 तीव्रता का भूंकप आया था।
तस्वीर भूकंप के केंद्र की है, जिसे अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने जारी किया है।
भूकंप के बाद लोग घरों से बाहर आ गए हैं।
सुनामी की चेतावनी के बाद लोग ऊंचे स्थानों के लिए रवाना हो रहे हैं।
भूकंप की वजह से इलाके में मौजूद दुकान का साइन बोर्ड हिलते हुए।
चिली के दक्षिणी तट को खाली कराया जा रहा
अर्जेंटीना के पड़ोसी देश चिली के तटीय इलाकों भी को अलर्ट पर रखा गया है। चेतावनी में कहा गया है कि लहरें चिली के प्यूर्टो विलियम्स तक पहुंच सकती हैं। चिली की नेशनल डिजास्टर सर्विस ने पूरे दक्षिणी तट को खाली कराने के लिए कहा है। इसके लिए लोकल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने कहा कि भूकंप से निपटने के लिए देश के पास सभी संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हम लोगों से अपील करते हैं कि वो मैगलन इलाके में समुद्र तट से दूर चले जाएं। इस समय हमें अधिकारियों के निर्देशों को पूरी तरह फॉलो करना है।
अमेरिका का सुनामी वॉर्निंग सिस्टम अगले एक घंटे में फिर से चेतावनी जारी करेगा।
टैक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से आता है भूकंप
धरती बड़ी-बड़ी टैक्टोनिक प्लेट्स पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं।
ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। धरती के कई मील भीतर जब टैक्टोनिक प्लेट हिलती हैं तो सैकड़ों परमाणु बम के बराबर एनर्जी निकलती है।
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