राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की सामाजिक विज्ञान की किताब के एक अध्याय पर बवाल हो गया। न्यायपालिका ने इसे लेकर नाराजगी जताई। दरअसल, कक्षा आठ की किताब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित केसों की जानकारी दी गई है। इसे लेकर गुरुवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया और मामले पर टिप्पणी की। सीजेआई सूर्यकांत के नेतृत्व वाली तीन जजों की पीठ ने इस मामले में एनसीईआरटी के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और आदेश दिया कि छपी हुई किताबों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और इसका सर्कुलेशन रोका जाए।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान की 8वीं की किताब में ऐसा क्या कहा गया है, जिस पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई? इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? एनसीईआरटी की किताब में दिए गए पाठ को लेकर प्रमुख न्यायविदों का क्या कहना है? इसके अलावा एनसीईआरटी से जुड़े हालिया विवाद क्या रहे हैं? आइये जानते हैं…
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