Home / World / Hindi News / रोज गार्डन में महिला की हत्या:मर्डर या सुसाइड; 5 साल पहले शादी, फिर छोड़ दिया पति, दीक्षा के बैग से क्या मिला – Murder Or Suicide Of Woman In Chandigarh Rose Garden

रोज गार्डन में महिला की हत्या:मर्डर या सुसाइड; 5 साल पहले शादी, फिर छोड़ दिया पति, दीक्षा के बैग से क्या मिला – Murder Or Suicide Of Woman In Chandigarh Rose Garden

चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन में महिला दीक्षा की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। पुलिस ने मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच के लिए सैंपल भेज दिए हैं। विसरा रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा। पुलिस सूत्रों के डॉक्टर इस मामले में आत्महत्या की तरफ इशारा कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि दीक्षा के साथ किसी तरह की कोई जोर-जबरदस्ती नहीं हुई।

मृतका के गले पर चाकू घोंपा गया था। मृतका लेफ्टी थी और लेफ्ट में ही चाकू का घाव था। पुलिस ने मृतका के परिजनों को शव सौंप दिया है। दीक्षा शनिवार को एक हफ्ते बाद इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अपने ऑफिस गई थी। वह लगभग पांच मिनट में ही दफ्तर से निकल गई। करीब दो बजे वहां से पैदल ट्रिब्यून चौक तक पहुंची और ऑटो रिक्शा में सेक्टर 17 पहुंची। दोपहर करीब तीन बजे आरबीआई के पास उतरी और सेक्टर 16/17 अंडरपास को पार करके रोज गार्डन में पहुंची। सेक्टर 17 में लगे सीसीटीवी कैमरे में वह अकेली पैदल आती दिखाई दे रही है। थोड़ी देर बाद दो महिलाएं शौचालय में गईं तो दीक्षा खून से लथपथ थी और तड़प रही थी। उन्होंने महिला को पकड़कर शौचालय के बाहर खींचा। जिसके बाद तुरंत मटका चौक पर मौजूद पुलिसकर्मियों को जानकारी दी गई। इसके बाद 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। जानकारी के बाद मौके पर सेक्टर 3 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल पहुंचे। पुलिस को मौके से मृतका के दो मोबाइल और चाकू मिला। चाकू सब्जी काटने वाला था, जो फोल्ड होता था। मृतका का सेक्टर 21 पंचकूला में एल केमिस्ट अस्पताल में इलाज चल रहा था।

घटना से पहले खाना खाया, डिप्रेशन की कई दवाइयां मिलीं

मृतका के बैग में टिफिन, डिप्रेशन की कई दवाइयां और 700 रुपये बरामद हुए। जेब में डेढ़ सौ रुपये थे। टिफिन खाली था। पुलिस का मानना है कि हो सकता है उसने रोज गार्डन में बैठकर ही खाना खाया हो। जबकि उसके हाथ में पहनी हुई चांदी की अंगूठी और चूड़ियां वैसे ही थीं, जिससे पुलिस का मानना है कि लूट के इरादे से यह वारदात नहीं हुई। पुलिस के अनुसार दीक्षा का पंचकूला सेक्टर 21 में इलाज चल रहा था। सेक्टर 48 में उसके जीजा रहते हैं और वहीं दीक्षा को इलाज के लिए लेकर गए थे।

पुलिस के अनुसार दीक्षा के मोबाइल की कॉल डिटेल्स चेक की गईं तो उसमें सिर्फ आउटगोइंग कॉल्स मिलीं। मृतका ऑफिस में कॉलिंग का काम करती थी। उसके जीजा भी उसी बिल्डिंग में दूसरी कंपनी में काम करते हैं।

2020 में हुई थी लव मैरिज, पांच साल का बेटा

सहारनपुर की रहने वाली दीक्षा की साल 2020 में 7 किलोमीटर दूर रहने वाले एक युवक से लव मैरिज हुई थी। 2021 में उनके यहां एक बच्चा हुआ, जो अब पांच साल का हो चुका है। साल 2024 में दिवाली के समय पति-पत्नी में अनबन हो गई और दोनों अलग रहने लगे। पुलिस ने मृतका के पति से पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि दीक्षा उस पर किसी लड़की के साथ अफेयर को लेकर शक करती थी। फिर वह पति को छोड़कर अपने मायके में रहने लगी। उसने मायके में रहकर एस्ट्रोलॉजी की पढ़ाई भी की। करीब छह महीने पहले वह मोहाली फेज 11 में आकर रहने लगी और इंडस्ट्रियल एरिया में 11 हजार रुपये की नौकरी करने लगी।

सूत्रों ने बताया कि फेज 11 में जिस पीजी में दीक्षा रहती थी उसकी मालकिन ने भी उसके परिजनों को कहा था कि उसे सिर्फ 11 हजार रुपये मिलते हैं, उससे कुछ बचता होगा नहीं, इसलिए उसका सबसे पहले इलाज करवा लें।

पड़ताल- रोज गार्डन में सिर्फ तीन कैमरे, पेड़ से नहीं हो पाया कवर

रोज गार्डन में मटका चौक के साथ वाले गेट पर तीन कैमरे लगे हैं, जिसमें एक चारों तरफ नजर रखने वाला 360 कैमरा लगा है। 360 कैमरा शौचालय को कवर कर रहा है, लेकिन बीच में बड़ा पेड़ होने के चलते शौचालय कवर नहीं हो रहा। इसके अलावा रोज गार्डन में एक भी सुरक्षा कर्मी नहीं है। अमर उजाला ने जमीनी हकीकत जानने के लिए रविवार देर शाम रोज गार्डन का दौरा किया। सबसे पहले शाम 5:27 पर सेक्टर 16/17 लाइट प्वाइंट के साथ लगते गेट से अंदर घुसे तो कोई कैमरा नहीं था। पास में एक शौचालय है, वहां भी कोई कैमरा नहीं लगा। रोज गार्डन के बीच में वेरका बूथ है, लेकिन वहां भी कोई कैमरा नहीं है। इसके बाद संवाददाता उसी शौचालय पर पहुंचे, जहां शनिवार को दीक्षा की मौत हुई। शाम 6:17 बजे मटका चौक के पास वाले गेट से अंदर घुसे, जहां तीन कैमरे लगे थे।

शौचालय पर मौजूद सलमा ने बताया

सलमा देवी ने बताया कि रोज गार्डन में पांच पुरुष और चार महिलाएं शौचालय पर ड्यूटी पर तैनात हैं। अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। उसकी दोपहर दो से रात 10 बजे तक ड्यूटी है। पिछले चार साल से वह ड्यूटी कर रही है, लेकिन कभी किसी तरह की कोई वारदात नहीं हुई। सलमा ने बताया कि शनिवार को वह छुट्टी पर थी और उसकी जगह विकास ड्यूटी पर तैनात था। वह सामने ही बेंच पर बैठा था। सलमा ने बताया कि पुलिस ने शौचालय पर ताला लगा दिया है और चाबी साथ ले गई। शौचालय में काफी खून पड़ा है। रोज गार्डन में लगभग 65 माली काम करते हैं, लेकिन शाम 5 बजे तक उनकी ड्यूटी होती है। इतनी बड़ी घटना के बावजूद रोज गार्डन में रविवार शाम को एक भी पुलिसकर्मी दिखाई नहीं दिया। ऐसे में अगर कोई वारदात कर दे तो आरोपी आसानी से भाग सकता है।


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