मुंबई (Mumbai COVID-19) के कांदिवली में एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है. 20 जुलाई को जिस महिला की सामान्य मौत बताई गई थी, तीन बाद उसे कोरोना (Coronavirus) पॉजिटिव घोषित कर दिया गया है.

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मुंबई: (Mumbai COVID-19) के कांदिवली में एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है. 20 जुलाई को जिस महिला की सामान्य मौत बताई गई थी, तीन बाद उसे कोरोना (Coronavirus) पॉजिटिव घोषित कर दिया गया. अब मृतक महिला के घर वाले और बिल्डिंग वाले घबराएं हुए हैं. इस बीच BMC ने घर के सदस्यों को क्वारंटाइन कर दिया है. महिला की मौत 20 जुलाई को हुई थी. 28 साल की नेहा गुप्ता 7 महीने की गर्भवती थी. नेहा की तबियत खराब होने पर पहले 16 जुलाई को पास के ऑस्कर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पता चला कि उन्हें निमोनिया और टीबी है.
डॉक्टरों की सलाह पर नेहा गुप्ता को 18 जुलाई को कूपर अस्पताल ले जाया गया. नेहा की ननद निकिता गुप्ता के मुताबिक, 19 जुलाई को नेहा की तबियत ठीक लग रही थी, पर 20 तारीख की सुबह तीन बजे के करीब तबियत खराब हुई और मौत हो गई. निकिता का कहना है कि तब मौत को नैचुरल बताया गया. हमारे पास डेथ सर्टिफिकेट भी है, जबकि कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आनी बाकी थी.
निकिता ने बताया कि घरवालों ने जब अस्पताल से एम्बुलेंस की मांग की तो उन्हें बताया गया कि अस्पताल सिर्फ कोरोना पॉजिटिव शव के लिए एम्बुलेंस देता है. परिवार अपने पैसे से एम्बुलेंस कर शव घर लाया. शव तीन घंटे तक बिल्डिंग में रहा. दूर से आए रिश्तेदारों और बिल्डिंग वालों ने शव के दर्शन किए फिर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. अब तीन दिन बाद अचानक से BMC वाले पहुंच गए और बताया कि नेहा कोरोना पॉजिटिव थी.
यह जानकारी मिलने के बाद से घरवाले और बिल्डिंग वाले सभी घबराए हुए हैं. नेहा की सास का कहना है कि अस्पताल की इस लापरवाही की वजह से अगर कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा. इस पूरे वाक्ये से पुलिस भी अनभिज्ञ थी. खबर आने के बाद अब वो जानकारी लेने पहुंची है.
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