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900 करोड़ रु. की लागत से 16.7 एकड़ में बन रहा मंदिर, 2023 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद

900 करोड़ रु. की लागत से 16.7 एकड़ में बन रहा मंदिर, 2023 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद


15 लाख की आबादी वाला देश अबू धाबी UAE में रह रहे करीब 33 लाख भारतीयों के लिए आस्था का केंद्र बन जाएगा। अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर बन रहा है। जिसका काम तेजी से शुरू हो गया है। 16.7 एकड़ में बन रहे मंदिर परिसर में 45 करोड़ दिरहम (करीब 900 करोड़ रुपए) खर्च होंगे। अनुमान है कि 2023 तक मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा। इस मंदिर में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां लगाई जाएंगी।

इस मंदिर परिसर में प्रार्थना हॉल, लाइब्रेरी, खेल का मैदान, बगीचा, पानी की सुविधाएं, फूड कोर्ट, दुकानें और पार्किंग भी होगी।

इसके लिए 3000 से ज्यादा मजदूर और शिल्पकार काम कर रहे हैं। मंदिर में करीब 5,000 टन इटैलियन कैरारा मार्बल का इस्तेमाल होगा। मंदिर में लगने वाले पत्थर और कलाकृतियों की नक्काशी राजस्थान और गुजरात में हो रही है। मंदिर का बाहरी हिस्सा करीब 12 हजार 250 टन गुलाबी बलुआ पत्थर से बनेगा। माना जाता है कि इन पत्थरों में भीषण गर्मी झेलने की क्षमता होती है और 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी गर्म नहीं होता है।

हाथ से तराशी जाने वाली मूर्तियां भारत की संस्कृति और इतिहास को दर्शाती हैं। इनमें अरबी प्रतीकों को भी शामिल किया गया है।

इस मंदिर का निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) करवा रही है। यह मंदिर अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। हालांकि, आकार में यह दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से छोटा होगा। दुबई में दो मंदिर (शिव और कृष्ण के) और एक गुरुद्वारा है।

BAPS के इंजीनियर्स की देखरेख में मंदिर का निर्माण हो रहा है। संस्था की टीम प्रतिदिन हो रहे कामों का जायजा लेती है।

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मंदिर में करीब 5,000 टन इटैलियन कैरारा मार्बल का इस्तेमाल होगा।

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