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ट्रम्प बोले- बाइडेन की शपथ में नहीं जाऊंगा; स्पीकर बोलीं- पद छोड़िए नहीं तो महाभियोग चलेगा

ट्रम्प बोले- बाइडेन की शपथ में नहीं जाऊंगा; स्पीकर बोलीं- पद छोड़िए नहीं तो महाभियोग चलेगा


अमेरिका में सियासी ड्रामेबाजी जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जो बाइडेन को सत्ता सौंपने के लिए तैयार तो हो गए हैं, लेकिन उनकी तल्खी बरकरार है। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि वे 20 जनवरी को बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगे।
इस बीच, ट्रम्प के साथी भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। 232 रिपब्लिकन सांसदों में से 100 ने गुरुवार को अमेरिकी संसद भवन में हुई हिंसा के लिए ट्रम्प को ही जिम्मेदार ठहराया है। उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग भी तेज हो गई है। स्पीकर नैंसी पेलोसी और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस से ट्रम्प को हटाने की मांग की है। डिप्टी स्पीकर कैथरीन क्लार्क ने कहा है कि अगर ट्रम्प खुद पद नहीं छोड़ते हैं तो अगले हफ्ते उन पर महाभियोग चल सकता है। ट्रम्प को संविधान के 25वें संशोधन के तहत भी हटाने को लेकर कहा गया है।

तेवर कम नहीं होते दिख रहा

राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को हुई हिंसा के बाद भी ट्रम्प के तेवर नर्म पड़ते नहीं दिख रहे हैं। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जो लोग जानना चाहते हैं, उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाऊंगा।' ट्रम्प ने शुक्रवार की सुबह भी एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने पहली बार हिंसा की निंदा की। ये भी कहा कि 20 जनवरी को पावर ट्रांजिशन यानी सत्ता हस्तांतरण नियमों के मुताबिक ही होगा।

इसके एक घंटे पहले भी ट्रम्प ने एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'मुझे वोट देने वाले 7.5 करोड़ ग्रेट अमेरिकन के साथ मैं हमेशा रहूंगा। सभी ने अमेरिका फर्स्ट और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के लिए काम किया है। इनके साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए।'

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संसद भवन के चारों तरफ सुरक्षा जाली लगेगी
गुरुवार की हिंसा के बाद राजधानी वॉशिंगटन डीसी में सुरक्षा कड़ी की जा रही है। US आर्मी संसद की बाउंड्री पर 7 फीट ऊंची फेंसिंग यानी जाली लगाने जा रही है। इसका काम शुरू भी हो गया है। npr.org की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जाली पर चढ़ना नामुमकिन होगा। यह जाली अगले 30 दिन तक लगी रहेगी। इसके अलावा राजधानी की सुरक्षा के लिए 6, 200 यूएस आर्मी नेशनल गार्ड्स तैनात किए जा रहे हैं। इनके अलावा चार राज्यों से पुलिसकर्मी भी बुलाए गए हैं। हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जाएगी।

गुरुवार की हिंसा में 5 लोगों की मौत हुई थी
अमेरिकी संसद में गुरुवार को हुई हिंसा में घायल हुए एक पुलिस अफसर की शुक्रवार को मौत हो गई। वॉशिंगटन डीसी पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। गुरुवार को एक महिला समेत चार लोगों की मौत हुई थी।

ट्रम्प के करीबी भी उनसे दूर जा रहे
रिपब्लिकन पार्टी के करीब 100 सांसद ऐसे हैं जिन्होंने साफ तौर पर गुरुवार की हिंसक घटनाओं के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को जिम्मेदार ठहराया। व्हाइट हाउस के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एजुकेशन मिनिस्टर और तमाम मेंबर्स ऐसे हैं, जिन्होंने इस्तीफे दे दिए। बहुत मुमकिन है कि NSA रॉबर्ट ब्राउन और चीफ ऑफ स्टाफ भी पद छोड़ दें। कुल मिलाकर ट्रम्प पर भारी दबाव है कि वे कोई बड़ा फैसला लें।

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गुरुवार की हिंसा के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर उनकी ही पार्टी के लोगों का दबाव बढ़ गया है।

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